जानें अब तक कितनी बार बिना मुख्य अतिथि के मनाया जा चुका है गणतंत्र दिवस
जानें अब तक कितनी बार बिना मुख्य अतिथि के मनाया जा चुका है गणतंत्र दिवस
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का आगामी गणतंत्र दिवस में शामिल होने का कार्यक्रम रद्द हो गया है। प्रधानमंत्री जॉनसन ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर इसकी जानकारी दी और इस पर खेद जताया। अब इस गणतंत्र दिवस पर अब मुख्य अतिथि के तौर पर कौन शामिल होंगे, इसको लेकर सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है।
दौरा रद्द किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री जॉनसन ने टेलीफ़ोन पर पीएम मोदी से की बात
प्रधानमंत्री जॉनसन ने टेलीफ़ोन पर प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि सोमवार रात घोषित राष्ट्रीय लॉकडाउन और नये कोरोना वायरस संस्करण के तेजी से फैलाव को देखते हुए उनका ब्रिटेन में रहना महत्वपूर्ण है। इससे वह वायरस पर घरेलू प्रतिक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री जॉनसन ने आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी से बात की। उन्होंने इस महीने के अंत में भारत दौरे पर आने में असमर्थता जाहिर करते हुए खेद व्यक्त किया।
अगले छह महीने के बीच भारत का दौरा करने को लेकर आशान्वित ब्रिटिश प्रधानमंत्री
टेलीफ़ोन पार बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही महामारी के खिलाफ लड़ाई सहित विभिन्न विषयों पर करीबी सहयोग बनाए रखने की बात कही। प्रधानमंत्री जॉनसन ने कहा कि वह अगले छह महीने के बीच भारत का दौरा करने को लेकर आशान्वित हैं। वह मेहमान देश के प्रतिनिधि के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी से ब्रिटेन में होने वाले जी7 देशों के शिखर सम्मेलन में भी मिलेंगे।
करीब 27 साल पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉन मेजर हुए थे परेड में शामिल
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह 26 जनवरी में मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लेने वाले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से 27 नवंबर को टेलीफ़ोन पर बातचीत कर उन्हें आमंत्रण दिया था। अब इस गणतंत्र दिवस पर अब मुख्य अतिथि के तौर पर कौन शामिल होंगे, इसको लेकर सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है। उल्लेखनीय है कि 27 साल पहले 1993 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉन मेजर भारत के गणतंत्र दिवस में शामिल हुए थे।
अब तक 10 बार बिना मुख्य अतिथि के मनाया जा चुका है गणतंत्र दिवस
देश आजाद होने के बाद से लेकर अब तक 10 अलग-अलग मौक़ों पर मुख्य अतिथि के बिना गणतंत्र दिवस मनाया जा चुका है। जानकारी के मुताबिक सन् 1952, 1953, 1956, 1957, 1959, 1962, 1964, 1966, 1967 और 1970 में बिना मुख्य अतिथि के गणतंत्र दिवस मनाया गया।
2018 में 10 आसियान देशों के प्रमुख रहे थे गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि
वहीं 2018 की गणतंत्र दिवस परेड पहला ऐसा अवसर था जब कई अतिथि मौजूद रहे थे। साल 2018 में 10 आसियान देशों के प्रमुख गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि रहे थे। उस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ब्रूनेई के सुल्तान हाजी-हसनल-बोल्किया मुइज्जाद्दीन वदाउल्लाह, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो, फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो रोआ डूतरेत, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग, मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो स्री मोहम्मद नजीब बिन तुन अब्दुल रज़ाक, थाईलैंड के प्रधानमंत्री जनरल प्रयुत छान-ओ-चा, म्यामां की स्टेट काउंसलर आंग सांग सू ची, वियतनाम के प्रधानमंत्री नग्युएन जुआन फूक और लाओ पीडीआर के प्रधानमंत्री थोंगलोंन सिसोलिथ मौजूद रहे थे। ग़ौरतलब हो 2018 में गणतंत्र दिवस के समारोह में 10 राष्ट्राध्यक्षों को मुख्य अतिथि बनाना एक तरह का रिकॉर्ड तो था ही, साथ ही यह इसलिए भी खास रहा क्योंकि उसी साल भारत-आसियान दोस्ती के 25 साल पूरे हुए थे।

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